Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana महिला को 10000 कैसे मिलेगा?
महिला को
₹10,000 मिल सकते हैं, खासकर बिहार सरकार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana) के
तहत, जिसके तहत ₹10,000 की पहली किस्त स्वरोजगार शुरू करने के लिए दी जाती है, साथ ही आगे ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता भी मिल सकती है, जिसके लिए जीविका या ग्राम संगठन के माध्यम से आवेदन करना होता है. अन्य राज्यों और केंद्र की योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना (₹10 लाख तक), स्टैंड-अप इंडिया, या महिला हेल्पलाइन (181) के जरिए भी मदद मिल सकती है, जो पात्रता और उद्देश्य पर निर्भर करता है.
बिहार की मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना (Mukhyamantri Mahila
Rojgar Yojana):
- राशि:
पहली किस्त ₹10,000,
और बाद में ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता.
- उद्देश्य:
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, स्वरोजगार शुरू करने के लिए.
- आवेदन:
जीविका दीदी (Jeevika
Didi) या ग्राम संगठन (VO) के माध्यम से.
- आवश्यक जानकारी:
मोबाइल नंबर, आधार, बैंक खाता विवरण.
योजना के बारे में
बिहार सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में महिलाओं के रोजगार को बढ़ावा देने हेतु ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ का शुभारंभ किया गया है।
इस योजना का मुख्य लक्ष्य राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला की अपनी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
इस योजना का क्रियान्वयन ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार द्वारा बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के माध्यम से प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गयी है।
राज्य के शहरी क्षेत्रों में योजना के क्रियान्वयन हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार का सहयोग लिया जाएगा।
योजना अंतर्गत मुख्य लक्ष्य
योजना के तहत आर्थिक सहायता के रूप में प्रत्येक परिवार की एक महिला की अपनी पसंद का रोजगार करने हेतु ₹ 10 हजार रुपए की राशि प्रथम किस्त के रूप में दी जाएगी।
महिलाओं द्वारा रोजगार आरंभ करने के उपरांत आकलन कर ₹ 2 लाख रुपए तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता आवश्यकतानुसार दी जाएगी।
बिहार सरकार की इस पहल से न केवल महिलाओं का सशक्तिकरण होगा, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
योजना संबंधित अहर्ता/ पात्रता
योजना अंतर्गत ‘परिवार से आशय’ है, पति-पत्नी और उनके अविवाहित बच्चे। अविवाहित वयस्क महिला जिनके माता-पिता जीवित नहीं हो, उन्हें योजना के प्रयोजनार्थ एकल परिवार माना जायेगा एवं नियमानुसार लाभ प्रदान किया जाएगा।
शहरी क्षेत्रों के स्वयं सहायता समूहों से जुड़े सभी सदस्य (एक परिवार से एक महिला), इस योजना के लाभ हेतु पात्र होंगें।
महिलाएँ जो वर्तमान में शहरी क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह की सदस्य नहीं है, को सदस्य के रूप में जोड़ने से पूर्व योजना अन्तर्गत परिवार की परिभाषा को ध्यान में रखते हुए निम्न को सुनिश्चित किया जाना है-
क. आवेदिका की उम्र 18-60 वर्ष होनी चाहिए।
ख. आवेदिका स्वयं अथवा उनके पति आयकर दाता की श्रेणी में न हो।
ग. आवेदिका स्वयं अथवा उनके पति सरकारी सेवा (नियमित / संविदा) में न हो।
शहरी क्षेत्रों के महिलाओं हेतु आवेदन की प्रक्रिया
शहरी क्षेत्र की महिलाओं को आवेदन करने हेतु जीविका की वेबसाइट (www.brlps.in) पर लिंक उपलब्ध रहेगा।
योजना का लाभ लेने की इच्छुक महिलाओं द्वारा पंजीकरण करते समय अपना **मोबाइल नंबर, आधार संख्या, बैंक खाता विवरण एवं व्यवसाय का प्रकार** अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। साथ ही आवेदक को अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक (जिसमें नाम, खाता संख्या, IFSC कोड अंकित हो) फोटोग्राफ एवं सादे पृष्ठ पर हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी।
योजना का लाभ लेने हेतु इच्छुक महिलाओं को स्वयं सहायता समूह से जुड़ना अनिवार्य है।
उनके ऑनलाइन आवेदन प्राप्ति के उपरांत उन्हें समूह में जोड़ने हेतु उनके क्षेत्र में कार्यरत सामुदायिक संसाधन सेवी द्वारा सम्पर्क किया जाएगा। समूह में जुड़ने के बाद ही योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।
शहरी क्षेत्र की महिलाएं जो पूर्व से ही स्वयं सहायता समूह से जुड़ी है उन्हें ऑनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।
शहरी क्षेत्र की जो महिलाएं स्वयं सहायता समूह से नहीं जुड़ी है, उनके द्वारा आवेदन करने हेतु जीविका के वेबसाइट पर लिंक उपलब्ध है।
सभी प्राप्त आवेदनों का भौतिक सत्यापन किया जाएगा एवं यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि महिला बिहार राज्य की निवासी हो।
योजना का लाभ लेने के क्रम में प्रशिक्षण लेना आवश्यक होगा।
आगे आवश्यकतानुसार अन्य दस्तावेजों की मांग की जा सकती है।
ग्रामीण क्षेत्रों के महिलाओं हेतु आवेदन की प्रक्रिया
जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़े सभी सदस्य इस योजना के पात्र होंगें। वे इस योजना का लाभ लेने के लिए अपने ग्राम संगठन में जाकर आवेदन करेंगी। समूह के सभी सदस्यों की एक विशेष बैठक ग्राम संगठन स्तर पर आयोजित की जाएगी जिसमें एक समूह के सभी सदस्यों का एक समेकित प्रपत्र में आवेदन लिया जाएगा।
जो महिलाएं जीविका स्वयं सहायता समूह से नहीं जुड़ी है उन्हें योजना का लाभ प्राप्त करने हेतु सर्वप्रथम स्वयं सहायता समूह में जुड़ने के लिए अपना आवेदन संबंधित ग्राम संगठन में निर्धारित प्रपत्र में जमा करेंगे।
अन्य विकल्प:
- मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना (बिहार):
₹10 लाख तक की वित्तीय सहायता (50% अनुदान, 50% ब्याज-मुक्त ऋण).
- स्टैंड-अप इंडिया योजना:
महिला उद्यमियों को व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक ऋण.
- महिला हेल्पलाइन
(181):
संकटग्रस्त महिलाओं के लिए सहायता और जानकारी.
- अन्य राज्य-विशिष्ट योजनाएं:
हर राज्य की अपनी योजनाएं हो सकती हैं (जैसे उत्तर प्रदेश में निराश्रित महिला पेंशन).
आपको क्या करना चाहिए:
- अपने राज्य की योजनाओं की जांच करें:
देखें कि क्या आपके राज्य में ऐसी कोई योजना है.
- जीविका दीदी से संपर्क करें:
यदि आप बिहार से हैं, तो यह सबसे अच्छा तरीका है.
- अपनी जरूरत पहचानें:
मेरी पोस्ट आपको कैसी लगी कृप्या करके कमेंट बॉक्स में बताय
आप अपने सुजाव और प्रतिभाव हमे COMMENT Box के माध्यम से जरूर से भेजे।

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