Rani Laxmi Bai Mahila Evam Bal Samman Kosh रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष
उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष (Rani Laxmi Bai Mahila Evam Bal Samman Kosh) राज्य में हिंसा और जघन्य अपराधों की शिकार महिलाओं/बालिकाओं को वित्तीय, चिकित्सा और पुनर्वास सहायता प्रदान करने के लिए एक कल्याणकारी योजना है। यह कोष पीड़ितों को 3 लाख से 10 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद और तत्काल चिकित्सीय सहायता देता है।
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प्रमुख विवरण:
🌼 क्या है यह योजना?
उत्तर प्रदेश रानी लक्ष्मी बाई महिला एवं बाल सम्मान कोष योजना महिलाओं और बालिकाओं के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक सहायता योजना है। इसके तहत जघन्य हिंसा, अत्याचार या अन्य आपराधिक घटनाओं से प्रभावित महिलाओं और बालिकाओं को तात्कालिक आर्थिक और चिकित्सा सहायता दी जाती है।
उद्देश्य: हिंसा पीड़ित महिलाओं/बच्चों का पुनर्वास, चिकित्सा और सशक्तिकरण।
🎯 योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य है कि:
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हिंसा या अपराध से पीड़ित महिला/बालिका को तुरंत आर्थिक मदद मिले ताकि वे इलाज, पुनर्वास और जीवन के आवश्यक खर्चों को पूरा कर सकें।
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चिकित्सा लाभ, इलाज और आवश्यक सेवाएँ समय पर उपलब्ध हों।
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जरूरत पड़ने पर उनके बच्चों को भी शिक्षा या चिकित्सा सहायता मिल सके।
लाभ: 3 से 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता, चिकित्सा सहायता (पुनर्निर्माण सर्जरी सहित)।
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💰 किसे मदद मिलती है?
👉 यह सहायता उत्तर प्रदेश की वो महिलाएँ और बालिकाएँ ले सकती हैं जो:
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जघन्य अपराध जैसे आक्रमण, बलात्कार, एसिड अटैक, दहेज उत्पीड़न और अन्य गंभीर अपराध से प्रभावित हों।
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महिला तथा उसके नाबालिग बच्चों को आर्थिक व चिकित्सा सहायता की आवश्यकता हो।
पात्रता: हिंसा की शिकार (जैसे- एसिड अटैक, बलात्कार आदि) उत्तर प्रदेश की निवासी।
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💸 कितनी सहायता मिलती है?
सरकार पीड़िता को आर्थिक सहायता प्रदान करती है, जो आमतौर पर तय मानकों के अनुसार दी जाती है।
हाल ही के आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत प्रभावित महिलाओं को ₹1 लाख से ₹10 लाख तक का प्रत्यक्ष सहायता राशि दी जा चुकी है।
आवेदन: इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट msk.upsdc.gov.in या www.mksy.up.gov.in का उपयोग किया जा सकता है।
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🛠️ सहायता कैसे मिलती है?
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पुलिस द्वारा FIR दर्ज होना जरूरी है।
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नोडल अधिकारी केस की समीक्षा कर डीएम (जिलाधिकारी) के नेतृत्व वाली समिति को भेजते हैं।
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समिति केस की जांच के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजती है।
अन्य सहायता: शिक्षा और पुनर्वास के लिए भी सहायता प्रदान की जाती है।
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यह कोष विशेष रूप से जघन्य अपराधों के मामलों में त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, गाजियाबाद जिला प्रशासन की वेबसाइट के अनुसार।
📋 योजना से जुड़ी और सुविधाएँ
✔ तात्कालिक चिकित्सा सहायता
✔ मानसिक और सामाजिक पुनर्वास की दिशा में सलाह
✔ बच्चों के लिए शिक्षा या स्वास्थ्य सहायता (जब जरूरत हो)
🌐 आवेदन कैसे करें?
🔗 इस योजना का आवेदन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से होता है।
सरकारी पोर्टल उपलब्ध है: mahila Samman Kosh Portal (योजना हेतु UP महिला एवं बाल विकास विभाग के पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं)
☎️ संपर्क विवरण (हेल्पलाइन्स)
📍 UP महिला एवं बाल विकास विभाग
📞 हेल्पलाइन नंबर:
0522-2235885
0522-2238432
0522-2215641
📧 ई-मेल: upmahilasammankosh@gmail.com
🧑⚖️ प्रमुख बातें
✅ यह योजना सरकारी सहायता कोष है।
✅ इसका उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को आर्थिक व चिकित्सा सुरक्षा देना है।
✅ आवेदन के लिए FIR, मेडिकल रिपोर्ट आदि दस्तावेज़ों की आवश्यकता होती है।
✅ पैसा सीधे बैंक खाते में दिया जाता है।
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